खो गया कोई अकेले में
बताओ हम करें क्या
bndh गया अपने भी सर पर
गर कफ़न तो हम करें क्या ?
इक नए अंदाज़ में
जीना जो चाहा ज़िन्दगी को
सुलगती सी राख से
धुलना जो चाहा बेबसी को
पड़ गए chhale उम्मीदों में
बताओ हम करें क्या?
उतरकर आंखों से
दिल में रोशनी होती नही है
कागजों में लग रही जो
आग भी जलती नहीं है
मिल रहा है खाक में
सारा चमन तो हम करें क्या ?
मौत हो या ज़िन्दगी हो
अजनबी दोनों सफर हैं
अंत में दोनों ही चाहे
खुल रहे से इक सिफर है
इस सिफर के उस सफर में
चल रहे हैं हम करें क्या ?
मुफ्त का चंदन घिस मेरे लाला
1 हफ़्ते पहले
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